Migraine/Headache का आयुर्वेदिक उपचार || Permanent Migraine Cure

Headache

  1. Headache is a Broad Subject.
  2. अलग अलग लोगों में अलग अलग लक्षण
  3. विशिष्ट लक्षणों वाले पुराने सिरदर्द को माइग्रेन कहते हैं

Facts about Headache 

  1. 3rd most common disease in the world.
  2. Approx. 15% of the world suffers from chronic Headaches.
  3. Approx 2 crore people of the world rush to the hospital daily for pain relief.
  4. 6th most disabling illness in the world.
  5. More patients of chronic headache over diabetes/asthma/epilepsy combined together.

“सही निदान एवं समय पर इलाज से सिरदर्द या माइग्रेन को पूरी तरह ठीक कर सकते हैं”

Causes according to Ayurveda

  1. शराब एवं धूम्रपान 
  2. बिना प्यास के ज्यादा पानी पीना
  3. ज्यादा सोना 
  4. नींद पूरी न होना 
  5. अधारणीय वेगों को रोकना (मल-मूत्र-आंसू के)
  6. मन का दुखी होना 
  7. अधिक बोलने से 
  8. गर्दन के नीचे ऊँचा नीचा तकिया लगाने से  
  9. Unpleasant Odor 
  10. आम दोष (Undigested Toxic Waste)
  11. Infection (Bacteria, Virus) 
  12. Disease of Other Organs 
  13. Excess & Inappropriate Swimming

Clinical Classification of Migraine/Headache

  1. वातज - तेज दर्द, फड़कन के साथ 
  2. पित्तज - जलन व उल्टी के साथ दर्द, पित्त प्रकोपक कारण 
  3. कफज - भारीपन, कफ प्रकोपक कारण  
  4. रक्तज - बहुत तेज दर्द, पित्तज से भी तेज लक्षण  
  5. त्रिदोषज - सभी दोषों के मिश्रित लक्षण 
  6. क्षयज - शारीरिक मानसिक कमजोरी के कारण 
  7. कृमिज - Infection (Bacteria, Virus) 
  8. सूर्यावर्त - दर्द दिन के साथ बढ़ते हुए रात तक ठीक 
  9. अनंतवात - सिर के साथ आँख व चेहरे पर करंट लगने जैसा दर्द होना  
  10. अर्धावभेदक - आधे सिर में दर्द (अजीर्ण के कारण)
  11. शंखक - त्रिदोषज, इलाज में देरी करने पर मृत्यु 


माइग्रेन / पुराने सिरदर्द का आयुर्वेदिक इलाज 

  1. पहले रोग की फिर रोगी की परीक्षा 
  2. निदान परिवर्जन (कारण को दूर करना)
  3. वात, पित्त, कफ को balance करना 
  4. 7 धातुओं को सम बनाना 
  5. कारण के अनुसार इलाज 
  6. Indigestion 
  7. Mental Stress
  8. Metabolic Correction
  9. Hormonal Imbalance
  10. Correcting Biological Clock


माइग्रेन/पुराने सिरदर्द के लगभग सभी मरीज Ayurvedic Medicines, Diet Correction, and Lifestyle Changes से ठीक हो जाते हैं।  

माइग्रेन/पुराने सिरदर्द के Advanced & Complicated Cases में पंचकर्म चिकित्सा विधियां जैसे वमन, विरेचन, नस्य, शिरोधारा या शिरोवस्ति की जरुरत पड़ती है।    


सिरदर्द से बचने के उपाय 

  1. नियमित दिनचर्या 
  2. नियमित ऋतुचर्या 
  3. अपनी प्रकृति अनुसार भोजन
  4. अधारणीय वेगों को न रोकना 
  5. नींद पूरी करना  
  6. मानसिक प्रसन्नता से 
  7. विरुद्ध आहार से बचने से  
  8. सद्वृत के नियमों से 
  9. Unpleasant Smell से बचने से 


“सर्वेन्द्रियाणि येनास्मिन प्राणाः येन च संश्रिताः। 
तेन तस्योत्तम् अङ्गस्य रक्षायां आदृतो भवेत्।।”

सिर शरीर का वो उत्तम अङ्ग है जिसमे सारी ज्ञानेन्द्रिया एवं व्यक्ति के प्राण रहते हैं। अतः इस उत्तम अङ्ग यानि सिर की रक्षा के लिये सिर के रोगों की चिकित्सा मे शीघ्रता करनी चाहिये।  


ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत।

सभी सुखी रहें,
सभी रोग मुक्त रहें,
सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।

 

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